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Showing posts from August, 2025

मस्तिष्क ट्यूमर क्या है और कितने प्रकार के होते हैं?

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 ब्रेन ट्यूमर के प्रकार (Types of Brain Tumors) ब्रेन ट्यूमर एक गंभीर लेकिन समझने लायक स्थिति है जिसमें दिमाग के अंदर असामान्य कोशिकाएं (cells) बढ़ने लगती हैं। यह कोशिकाएं कभी-कभी धीरे-धीरे और कभी-कभी तेज़ी से बढ़ती हैं। सभी ब्रेन ट्यूमर कैंसर नहीं होते, कुछ सौम्य (benign) होते हैं और कुछ घातक (malignant)। ब्रेन ट्यूमर के प्रकार जानना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि हर ट्यूमर के लक्षण, इलाज और असर अलग-अलग होते हैं। ब्रेन ट्यूमर क्या होता है? ब्रेन ट्यूमर तब बनता है जब दिमाग में कोशिकाएं बिना कंट्रोल के बढ़ने लगती हैं। दिमाग एक नाज़ुक हिस्सा है, इसलिए छोटे से छोटे ट्यूमर भी दबाव बढ़ाकर दिमाग के कामकाज को बिगाड़ सकते हैं। ट्यूमर दो तरह के होते हैं — सौम्य यानी जो धीरे बढ़ते हैं और आसपास के हिस्सों में नहीं फैलते, और घातक यानी जो तेज़ी से बढ़ते हैं और दिमाग के दूसरे हिस्सों में फैल सकते हैं। ब्रेन ट्यूमर के मुख्य प्रकार कौन से हैं? ब्रेन ट्यूमर के कई प्रकार हैं। जैसे ग्लायोमा, मेनिंजिओमा, पिट्यूटरी ट्यूमर, श्वान्नोमा, मेडुलोब्लास्टोमा, और क्रैनि...

ब्रेन ट्यूमर के लक्षण: सिरदर्द, दौरे और अन्य संकेत:

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 ब्रेन ट्यूमर क्या है? ब्रेन ट्यूमर मतलब मस्तिष्क में असामान्य कोशिकाओं का बढ़ना। ये मस्तिष्क के सामान्य कामकाज को प्रभावित कर सकता है। ट्यूमर की शुरुआती पहचान मुश्किल हो सकती है क्योंकि इसके लक्षण आम समस्याओं जैसे सिरदर्द या थकान से मिलते-जुलते होते हैं। अगर समय पर पता चल जाए, तो इलाज जल्दी और असरदार हो सकता है। इसलिए ब्रेन ट्यूमर के लक्षण जानना बहुत जरूरी है। ब्रेन ट्यूमर का सबसे आम लक्षण क्या है? सबसे आम लक्षण सिरदर्द है। यह सामान्य सिरदर्द से अलग होता है क्योंकि यह लगातार बना रहता है, सुबह या रात में ज्यादा महसूस होता है और खांसने, छींकने या झुकने पर तेज हो जाता है। समय के साथ यह सिरदर्द रोज़मर्रा की दवा से कम नहीं होता और धीरे-धीरे गंभीर हो जाता है। इसलिए अगर नया या लगातार सिरदर्द हो रहा है, तो डॉक्टर को दिखाना जरूरी है। क्या दौरे ब्रेन ट्यूमर का संकेत हो सकते हैं? हाँ। दौरे (Seizures) ब्रेन ट्यूमर का एक महत्वपूर्ण लक्षण हो सकते हैं। ट्यूमर की जगह पर निर्भर करता है कि दौरे पूरे शरीर में होंगे या सिर्फ एक हाथ, पैर या चेहरे में। क...

पैनक्रियास कैंसर: जानिए इसके प्रमुख कारण और बचाव के उपाय:

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  क्या आनुवंशिक कारण पैनक्रियास कैंसर का कारण बन सकते हैं? जी हाँ, आनुवंशिक कारण पैनक्रियास कैंसर के सबसे महत्वपूर्ण जोखिम कारकों में से एक माने जाते हैं। यदि परिवार में पहले किसी करीबी सदस्य को यह बीमारी रही है, तो आपके लिए इसका खतरा काफी बढ़ जाता है। रिसर्च से पता चला है कि कुछ विशेष जीन जैसे BRCA2, PALB2, CDKN2A और PRSS1 में म्यूटेशन होने से कैंसर होने की संभावना अधिक रहती है। ऐसे लोगों में पैनक्रियास की कोशिकाएँ असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं और समय के साथ कैंसर का रूप ले लेती हैं। इसलिए यदि किसी परिवार में यह बीमारी पहले से रही है, तो नियमित स्क्रीनिंग और समय-समय पर मेडिकल चेकअप करवाना बेहद जरूरी है। क्या धूम्रपान से पैनक्रियास कैंसर होता है? हाँ, धूम्रपान पैनक्रियास कैंसर का एक बड़ा और सीधा कारण है। तंबाकू में पाए जाने वाले जहरीले केमिकल्स खून के जरिए पैनक्रियास तक पहुँचते हैं और वहां की कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाते हैं। लगातार और लंबे समय तक धूम्रपान करने से DNA को रिपेयर करने की क्षमता कम हो जाती है और कोशिकाओं में असामान्य बदलाव आने लग...

ल्यूकेमिया के प्रकार और उनके लक्षण:

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 1. ल्यूकेमिया क्या है? ल्यूकेमिया खून का कैंसर है जिसमें हड्डियों के गूदे (Bone Marrow) में असामान्य सफेद रक्त कोशिकाएँ बनती हैं। ये कोशिकाएँ सामान्य कोशिकाओं की जगह ले लेती हैं और खून में लाल रक्त कोशिकाओं व प्लेटलेट्स की संख्या घटा देती हैं। इसकी वजह से संक्रमण जल्दी होता है, खून बहना रुकता नहीं और शरीर बहुत कमजोर हो जाता है। यह बीमारी बच्चों से लेकर बड़ों तक किसी में भी हो सकती है। ल्यूकेमिया का सही समय पर इलाज जरूरी है वरना यह तेजी से फैल सकता है। 2. ल्यूकेमिया के मुख्य 4 प्रकार कौन-कौन से हैं? ल्यूकेमिया को बीमारी की गति और प्रभावित कोशिका के आधार पर 4 मुख्य प्रकार में बांटा जाता है: तीव्र लिम्फोसाइटिक ल्यूकेमिया (ALL) – लिम्फोसाइट कोशिकाओं में तेजी से फैलता है। तीव्र माइलॉयड ल्यूकेमिया (AML) – माइलॉयड कोशिकाओं में तेजी से फैलता है। दीर्घकालिक लिम्फोसाइटिक ल्यूकेमिया (CLL) – लिम्फोसाइट कोशिकाओं में धीरे-धीरे बढ़ता है। दीर्घकालिक माइलॉयड ल्यूकेमिया (CML) – माइलॉयड कोशिकाओं में धीरे-धीरे बढ़ता है। 3. तीव्र (Acute) और दीर्घकालि...

ल्यूकीमिया का इलाज: जानिए ब्लड कैंसर से लड़ने के आधुनिक तरीके

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 ल्यूकीमिया का इलाज कैसे किया जाता है? ल्यूकीमिया, जिसे आमतौर पर ब्लड कैंसर कहा जाता है, एक गंभीर लेकिन इलाज योग्य बीमारी है। इसका इलाज मरीज की उम्र, ल्यूकीमिया के प्रकार (जैसे AML, ALL, CML, CLL), स्टेज और शरीर की स्थिति के आधार पर तय किया जाता है। आइए जानते हैं इससे जुड़े 10 अहम सवालों के जवाब: ल्यूकीमिया क्या है? ल्यूकीमिया एक प्रकार का ब्लड कैंसर है जिसमें शरीर में सफेद रक्त कोशिकाएं (White Blood Cells) अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं। ये कोशिकाएं स्वस्थ कोशिकाओं की जगह लेती हैं और शरीर के इम्यून सिस्टम को नुकसान पहुँचाती हैं। ल्यूकीमिया के इलाज के मुख्य तरीके क्या हैं? ल्यूकीमिया के इलाज के प्रमुख तरीके हैं: कीमोथेरेपी (Chemotherapy) टारगेटेड थेरेपी (Targeted Therapy) इम्यूनोथेरेपी (Immunotherapy) रेडिएशन थेरेपी (Radiation Therapy) बोन मैरो ट्रांसप्लांट (Bone Marrow Transplant) कीमोथेरेपी कैसे काम करती है? कीमोथेरेपी दवाओं की मदद से कैंसर कोशिकाओं को मारने की प्रक्रिया है। यह इलाज अक्सर कई चक्रों (cycles) में दिया जाता है और ...