मस्तिष्क ट्यूमर क्या है और कितने प्रकार के होते हैं?

 ब्रेन ट्यूमर के प्रकार (Types of Brain Tumors)




  • ब्रेन ट्यूमर एक गंभीर लेकिन समझने लायक स्थिति है
  • जिसमें दिमाग के अंदर असामान्य कोशिकाएं (cells) बढ़ने लगती हैं।
  • यह कोशिकाएं कभी-कभी धीरे-धीरे और कभी-कभी तेज़ी से बढ़ती हैं।
  • सभी ब्रेन ट्यूमर कैंसर नहीं होते, कुछ सौम्य (benign) होते हैं और कुछ घातक (malignant)।
  • ब्रेन ट्यूमर के प्रकार जानना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि हर ट्यूमर के लक्षण, इलाज और असर अलग-अलग होते हैं।

ब्रेन ट्यूमर क्या होता है?

  • ब्रेन ट्यूमर तब बनता है जब दिमाग में कोशिकाएं बिना कंट्रोल के बढ़ने लगती हैं।
  • दिमाग एक नाज़ुक हिस्सा है, इसलिए छोटे से छोटे ट्यूमर भी दबाव बढ़ाकर दिमाग के कामकाज को बिगाड़ सकते हैं। ट्यूमर दो तरह के होते हैं —
  • सौम्य यानी जो धीरे बढ़ते हैं और आसपास के हिस्सों में नहीं फैलते, और घातक यानी जो तेज़ी से बढ़ते हैं और दिमाग के दूसरे हिस्सों में फैल सकते हैं।

ब्रेन ट्यूमर के मुख्य प्रकार कौन से हैं?

ब्रेन ट्यूमर के कई प्रकार हैं। जैसे ग्लायोमा, मेनिंजिओमा, पिट्यूटरी ट्यूमर, श्वान्नोमा, मेडुलोब्लास्टोमा, और क्रैनियोफैरिंजिओमा। इन सबके नाम सुनने में मुश्किल लगते हैं लेकिन हर एक की पहचान, असर और इलाज अलग होता है।

ग्लायोमा ट्यूमर क्या होता है?

  • ग्लायोमा दिमाग की ग्लायल कोशिकाओं से बनता है। ये कोशिकाएं दिमाग की सुरक्षा और पोषण का काम करती हैं।
  • ग्लायोमा कई प्रकार के होते हैं — जैसे एस्ट्रोसाइटोमा, ऑलिगोडेंड्रोग्लायोमा, और एपेंडिमोमा।
  • कुछ ग्लायोमा धीरे-धीरे बढ़ते हैं, तो कुछ बहुत आक्रामक (जैसे ग्लायोब्लास्टोमा) होते हैं।

मेनिंजिओमा क्या है?

  • मेनिंजिओमा दिमाग और रीढ़ की हड्डी को ढकने वाली परत (meninges) से बनता है।
  • ज़्यादातर मेनिंजिओमा सौम्य होते हैं और धीरे-धीरे बढ़ते हैं। कई बार ये सालों तक कोई लक्षण नहीं देते।
  • लेकिन जब बड़ा हो जाता है, तो सिरदर्द, उल्टी, या शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी जैसी दिक्कतें दे सकता है।

पिट्यूटरी ट्यूमर क्या होते हैं?

  • पिट्यूटरी ग्रंथि (pituitary gland) दिमाग का एक छोटा लेकिन बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है।
  • यह शरीर में हार्मोन बनाने का काम करती है। पिट्यूटरी ट्यूमर अक्सर सौम्य होते हैं,
  • लेकिन ये हार्मोन का संतुलन बिगाड़ देते हैं।
  • इससे शरीर का वज़न, लंबाई, थायरॉयड, प्रजनन क्षमता और कई चीज़ें प्रभावित हो सकती हैं।

श्वान्नोमा किस तरह का ट्यूमर है?

श्वान्नोमा उन नसों में बनता है जो दिमाग और कान को जोड़ती हैं। सबसे आम प्रकार है वेस्टिबुलर श्वान्नोमा (acoustic neuroma)। इसमें कान में घंटी बजने जैसी आवाज़ (tinnitus), सुनाई कम देना और संतुलन बिगड़ना जैसे लक्षण हो सकते हैं।

मेडुलोब्लास्टोमा किसे कहते हैं?

  • मेडुलोब्लास्टोमा एक घातक (malignant) ब्रेन ट्यूमर है जो ज़्यादातर बच्चों में पाया जाता है।
  • यह सेरिबेलम (दिमाग का वह हिस्सा जो संतुलन और गति को नियंत्रित करता है) में होता है।
  • यह जल्दी फैल सकता है, इसलिए इसका इलाज जल्द करना ज़रूरी है।

क्रैनियोफैरिंजिओमा क्या है?

यह ट्यूमर पिट्यूटरी ग्रंथि के पास होता है और ज़्यादातर बच्चों व किशोरों में पाया जाता है। यह धीरे-धीरे बढ़ता है, लेकिन दिमाग के नज़दीक होने के कारण हार्मोन, नज़र और दिमाग के दूसरे हिस्सों पर असर डाल सकता है।

ब्रेन ट्यूमर के लक्षण क्या होते हैं?

लक्षण इस पर निर्भर करते हैं कि ट्यूमर कहाँ है और कितना बड़ा है। आम लक्षणों में लगातार सिरदर्द, उल्टी, मिचली, नज़र धुंधली होना, संतुलन बिगड़ना, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन, बोलने या समझने में दिक्कत, और कभी-कभी दौरे (seizures) शामिल हैं।

क्या ब्रेन ट्यूमर कैंसर होता है?

हर ब्रेन ट्यूमर कैंसर नहीं होता। सौम्य (benign) ट्यूमर कैंसर नहीं होते, लेकिन अगर बड़ा हो जाए तो दिमाग को दबाकर गंभीर लक्षण दे सकता है। घातक (malignant) ट्यूमर कैंसर होते हैं और ये तेज़ी से फैल सकते हैं।

ब्रेन ट्यूमर की पहचान कैसे होती है?

  • डॉक्टर सबसे पहले लक्षण और शारीरिक जांच करते हैं।
  • फिर MRI, CT स्कैन जैसी इमेजिंग टेस्ट से पता लगाया जाता है कि ट्यूमर कहाँ है और किस प्रकार का हो सकता है। कभी-कभी बायोप्सी भी की जाती है,
  • जिससे ट्यूमर के सही प्रकार का पता चलता है।

ब्रेन ट्यूमर का इलाज कैसे होता है?

इलाज ट्यूमर के प्रकार, जगह, आकार और मरीज की हालत पर निर्भर करता है। इलाज में सर्जरी (ऑपरेशन), रेडिएशन थेरेपी, कीमोथेरेपी, टारगेटेड थेरेपी और कभी-कभी हार्मोन या इम्यूनोथेरेपी जैसी दवाएं शामिल होती हैं।

क्या ब्रेन ट्यूमर का इलाज संभव है?

कई ब्रेन ट्यूमर पूरी तरह ठीक हो सकते हैं, खासकर अगर वे सौम्य हों और सही समय पर पकड़े जाएँ। घातक ट्यूमर में इलाज से जीवन लंबा और बेहतर किया जा सकता है। जल्दी पहचान सबसे बड़ा हथियार है।

क्या ब्रेन ट्यूमर रोका जा सकता है?

अधिकतर ब्रेन ट्यूमर का सही कारण पता नहीं होता, इसलिए इन्हें रोकना मुश्किल है। लेकिन हेल्दी लाइफ़स्टाइल, संतुलित आहार, धूम्रपान से दूरी, हानिकारक रसायनों से बचाव और सिर की चोटों से सुरक्षा मदद कर सकती है।

ब्रेन ट्यूमर से जुड़ी ज़िंदगी कैसी होती है?

अगर इलाज समय पर हो जाए, तो कई लोग पूरी तरह सामान्य जीवन जीते हैं। कुछ लोगों को इलाज के बाद भी नियमित चेकअप और थेरेपी की ज़रूरत होती है। परिवार, दोस्तों और डॉक्टर का सपोर्ट इस सफ़र को आसा

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