पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण, कारण, इलाज और बचाव

 पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर क्या होता है?




जब भी ब्रेस्ट कैंसर की बात होती है, तो ज़्यादातर लोग इसे केवल महिलाओं की बीमारी मानते हैं।
  • लेकिन सच्चाई यह है कि ब्रेस्ट कैंसर पुरुषों में भी हो सकता है, हालांकि यह महिलाओं की तुलना में बहुत ही दुर्लभ होता है।
  • पुरुषों में इसके मामलों की संख्या भले ही कम हो, लेकिन इसकी गंभीरता कम नहीं होती।
  • समस्या तब और बढ़ जाती है जब इसे गंभीरता से नहीं लिया जाता और लक्षणों को नजरअंदाज़ कर दिया जाता है।
  • पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर को लेकर जागरूकता की भारी कमी है, और यही कारण है कि इसके लक्षणों को समझने में देर होती है, जिससे कैंसर फैलने का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।
  • इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि यह बीमारी कैसे होती है, इसके लक्षण क्या होते हैं, किन लोगों को इसका खतरा अधिक होता है, और इसका इलाज क्या है।

क्या होता है पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर?

  • पुरुषों में भी स्तन ऊतक (breast tissue) होता है, हालांकि वह महिलाओं की तुलना में बहुत कम मात्रा में होता है।
  • यह ऊतक जन्म से ही होता है, लेकिन प्यूबर्टी के बाद पुरुषों में हार्मोनल बदलाव के कारण यह अधिक विकसित नहीं होता।
  • फिर भी, जब इन ऊतकों की कोशिकाएं अनियंत्रित तरीके से बढ़ने लगती हैं और ट्यूमर बनने लगता है, तो इसे ब्रेस्ट कैंसर कहा जाता है।
  • यह कैंसर पुरुषों की छाती में किसी भी जगह हो सकता है,
  • लेकिन आमतौर पर यह निप्पल के पीछे ही पाया जाता है।
  • समय के साथ अगर इसे पहचाना न जाए तो यह लिम्फ नोड्स, हड्डियों, फेफड़ों या अन्य अंगों में फैल सकता है।

पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण क्या है?

पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं, और यही सबसे बड़ा खतरा है। कई बार लोग इसे मांसपेशियों में खिंचाव या सामान्य सूजन समझकर नजरअंदाज़ कर देते हैं। लेकिन निम्नलिखित लक्षणों को अनदेखा नहीं करना चाहिए:

  • छाती पर कोई गांठ या कठोर सूजन
  • निप्पल से किसी भी प्रकार का डिस्चार्ज (खून या दूध जैसा तरल)
  • निप्पल का अंदर की ओर मुड़ जाना (nipple inversion)
  • निप्पल या आसपास की त्वचा में सूजन, लाली, खुजली या खुरदरापन
  • बगल के नीचे सूजे हुए लिम्फ नोड्स
  • स्तन या छाती में दर्द (बिना चोट के)

यदि इन लक्षणों में से कोई भी लगातार कुछ हफ्तों तक बना रहे, तो डॉक्टर से जांच कराना ज़रूरी है। जितना जल्दी यह बीमारी पहचानी जाएगी, उतनी ही जल्दी और बेहतर इसका इलाज किया जा सकता है।

किन पुरुषों को अधिक खतरा होता है?

हालांकि ब्रेस्ट कैंसर किसी को भी हो सकता है, लेकिन कुछ खास कारणों से कुछ पुरुषों में इसका खतरा अधिक होता है। नीचे कुछ मुख्य जोखिम कारक (Risk Factors) दिए गए हैं:

1. उम्र

60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा अधिक होता है। यह उम्र के साथ बढ़ने वाली बीमारियों में से एक है।

2. हार्मोन असंतुलन

पुरुषों में एस्ट्रोजन (Estrogen) का अधिक मात्रा में होना ब्रेस्ट कैंसर का कारण बन सकता है। यह हार्मोन शरीर में कुछ बीमारियों या दवाइयों की वजह से बढ़ सकता है।

3. अनुवांशिक कारण (Genetic Factors)

BRCA1 और BRCA2 नामक जेनेटिक म्यूटेशन वाले पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना अधिक होती है। यदि परिवार में किसी को ब्रेस्ट कैंसर रहा हो, तो यह जोखिम और बढ़ जाता है।

4. मोटापा और लिवर की समस्याएं

अत्यधिक मोटापा शरीर में हार्मोन का संतुलन बिगाड़ता है, जिससे एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ सकता है। इसके अलावा लिवर की बीमारियां भी हार्मोन मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती हैं।

5. रेडिएशन एक्सपोजर

यदि किसी व्यक्ति को छाती के पास रेडिएशन थैरेपी दी गई हो, तो वहां कैंसर कोशिकाएं विकसित होने की संभावना बढ़ जाती है।

पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर का निदान कैसे होता है?

डॉक्टर आमतौर पर शारीरिक परीक्षण (Physical Exam) से शुरुआत करते हैं। यदि उन्हें कोई गांठ या असामान्यता महसूस होती है, तो वे कुछ विशेष जांचें करवा सकते हैं:

  • मैमोग्राफी (Mammogram) – स्तन ऊतक की एक्स-रे इमेजिंग
  • अल्ट्रासाउंड – गांठ की स्थिति और प्रकार जानने के लिए
  • बायोप्सी – ऊतक का छोटा हिस्सा निकालकर लैब में परीक्षण
  • MRI या CT स्कैन – कैंसर की फैलाव की स्थिति जांचने के लिए
  • ब्रैका टेस्टिंग (BRCA Gene Testing) – यदि पारिवारिक इतिहास हो

जल्दी पहचान होने पर इलाज ज्यादा असरदार और सफल होता है।

पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर का इलाज कैसे होता है?

ब्रेस्ट कैंसर का इलाज उसकी स्टेज, आकार, टाइप और मरीज की मेडिकल स्थिति पर निर्भर करता है। पुरुषों में इसके लिए निम्नलिखित उपचार विकल्प मौजूद हैं:

1. सर्जरी (Mastectomy)

यह सबसे सामान्य इलाज है, जिसमें पूरी कैंसर प्रभावित स्तन ऊतक को हटा दिया जाता है।

2. कीमोथेरेपी (Chemotherapy)

कैंसर कोशिकाओं को मारने के लिए दवाओं का उपयोग किया जाता है। यह सर्जरी से पहले या बाद में दी जा सकती है।

3. रेडिएशन थेरेपी

रेडिएशन से कैंसर कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है, खासकर जब सर्जरी के बाद भी कुछ कोशिकाएं बची हों।

4. हार्मोन थेरेपी

यदि कैंसर हार्मोन-सेंसिटिव हो (जैसे ER+ या PR+), तो शरीर में हार्मोन के असर को ब्लॉक करने वाली दवाएं दी जाती हैं।

5. टार्गेटेड थेरेपी

यह उपचार खास तौर पर उन कैंसर कोशिकाओं को निशाना बनाता है जिनमें खास प्रोटीन होते हैं।

क्या पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर से बचाव संभव है?

100% बचाव तो संभव नहीं, लेकिन कुछ सतर्कताएं अपनाकर जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है:

  • हेल्दी डायट और वज़न को नियंत्रण में रखें
  • अल्कोहल का सेवन सीमित करें
  • नियमित रूप से एक्सरसाइज करें
  • पारिवारिक इतिहास हो तो समय-समय पर जांच कराते रहें
  • किसी भी असामान्य बदलाव को नज़रअंदाज़ न करें

जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।

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