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Showing posts from September, 2025

शराब और कैंसर: जानिए कैसे शराब पीना बढ़ाता है कैंसर का जोखिम:

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 क्या शराब पीना कैंसर का कारण बन सकता है? शराब का सेवन शरीर के कई अंगों में कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है। शराब में मौजूद एथेनॉल शरीर में एसिटैल्डिहाइड में बदल जाता है, जो एक टॉक्सिक और कैंसर बढ़ाने वाला पदार्थ है। यह डीएनए को नुकसान पहुँचाता है और कोशिकाओं में असामान्य वृद्धि का कारण बनता है। विशेष रूप से मुँह, गले, अन्नप्रणाली, लीवर, पेट और स्तन के कैंसर का जोखिम शराब के सेवन से बढ़ जाता है। शराब पीने वाले लोगों में इन अंगों के कैंसर होने की संभावना उन लोगों की तुलना में कहीं अधिक होती है जो शराब का सेवन नहीं करते। शराब और कैंसर का जोखिम किस हद तक बढ़ता है? जितनी अधिक मात्रा में शराब का सेवन किया जाएगा, उतना ही कैंसर का खतरा बढ़ता है। हल्की मात्रा में शराब पीना भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जाता। समय के साथ लगातार शराब का सेवन शरीर में टॉक्सिक पदार्थों को जमा करता है, जिससे कोशिकाओं की मरम्मत प्रक्रिया प्रभावित होती है और कैंसर विकसित होने का जोखिम बढ़ जाता है। इसका असर उम्र, जीवनशैली और आनुवंशिकी पर भी निर्भर करता है। क्या बीयर या वाइन पीना सुरक्षित है? कई लोग ...

Colorectal Cancer: शुरुआती पहचान से लेकर उपचार तक सबकुछ:

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 कोलोरेक्टल कैंसर क्या है? कोलोरेक्टल कैंसर आंत (कोलन) और मलाशय (रेक्टम) की असामान्य और अनियंत्रित कोशिकाओं के विकास से होता है। यह धीरे-धीरे ट्यूमर बनाता है और अगर समय रहते इलाज न किया जाए तो यह आसपास के अंगों और शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकता है। शुरुआती चरण में इसके लक्षण अक्सर दिखाई नहीं देते, इसलिए नियमित जांच और समय पर पहचान बेहद महत्वपूर्ण है। कोलोरेक्टल कैंसर के मुख्य कारण क्या हैं? इस कैंसर के प्रमुख कारणों में आनुवंशिक कारण सबसे अहम हैं। यदि परिवार में किसी को पहले यह कैंसर हुआ हो तो जोखिम बढ़ जाता है। आहार में अधिक लाल मांस, प्रोसेस्ड फूड और कम फाइबर वाले भोजन से भी खतरा बढ़ता है। जीवनशैली में शारीरिक गतिविधि की कमी, धूम्रपान, शराब का अधिक सेवन और मोटापा भी इस रोग को प्रभावित करते हैं। इसके अलावा लंबे समय तक आंत में सूजन (जैसे क्रोहन या अल्सरेटिव कोलाइटिस) रहना भी इसे बढ़ावा देता है। कोलोरेक्टल कैंसर के लक्षण क्या हैं? शुरुआती चरण में लक्षण स्पष्ट नहीं होते, लेकिन जैसे-जैसे कैंसर बढ़ता है, पेट में लगातार दर्...

कैंसर के इलाज में मददगार डाइट: हर मरीज को जानना चाहिए ये बातें:

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कैंसर मरीजों के लिए संतुलित आहार क्यों ज़रूरी है? कैंसर का इलाज चाहे कीमोथैरेपी हो, रेडियोथेरेपी हो या सर्जरी, यह शरीर पर गहरा असर डालता है। इलाज के दौरान अक्सर मरीज का वजन कम हो जाता है, इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है और शरीर में थकान बढ़ जाती है। ऐसे समय में संतुलित आहार बहुत ज़रूरी है क्योंकि यह शरीर को ऊर्जा देता है, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और रिकवरी को तेज़ करता है। संतुलित भोजन लेने से न केवल कमजोरी दूर होती है बल्कि शरीर को इलाज के साइड इफेक्ट्स सहने की ताक़त भी मिलती है। कैंसर मरीज को कौन-कौन से पोषक तत्व अधिक लेने चाहिए कैंसर पेशेंट को प्रोटीन, विटामिन A, C, D, E, जिंक, सेलेनियम और आयरन जैसे पोषक तत्व अधिक मात्रा में लेने चाहिए। ये पोषक तत्व शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत करते हैं और नई कोशिकाओं का निर्माण करते हैं। प्रोटीन से मांसपेशियाँ मज़बूत होती हैं, विटामिन और मिनरल्स इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाते हैं और मरीज को संक्रमण से बचाते हैं। अगर यह पोषण पर्याप्त मात्रा में न मिले तो मरीज की कमजोरी बढ़ सकती है और रिकवरी धीमी हो सकती है। कैंसर...

क्या धूम्रपान सच में कैंसर का कारण बनता है? पूरी जानकारी:

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 धूम्रपान क्या वास्तव में कैंसर का कारण बनता है? धूम्रपान आज दुनिया में मृत्यु और गंभीर बीमारियों के सबसे बड़े कारणों में से एक माना जाता है। यह केवल एक आदत नहीं बल्कि एक ऐसा ज़हर है जो धीरे-धीरे शरीर के हर अंग को प्रभावित करता है। अक्सर लोग सोचते हैं कि क्या धूम्रपान और कैंसर के बीच सीधा संबंध है या यह सिर्फ डराने वाली बातें हैं। विज्ञान और चिकित्सा शोध ने यह साबित कर दिया है कि धूम्रपान न केवल कैंसर पैदा करता है बल्कि यह कई तरह के कैंसर का मुख्य कारण भी है। धूम्रपान और शरीर पर इसका असर जब कोई व्यक्ति धूम्रपान करता है, तो तंबाकू में मौजूद हजारों रसायन शरीर में प्रवेश करते हैं। इनमें से कई रसायन कैंसरजनक (Carcinogenic) होते हैं, यानी वे कैंसर पैदा करने की क्षमता रखते हैं। तंबाकू के धुएं में निकोटीन, टार, बेंजीन, फॉर्मल्डिहाइड, आर्सेनिक, क्रोमियम, कैडमियम, नाइट्रोसामाइन्स जैसे ज़हरीले तत्व पाए जाते हैं। ये फेफड़ों, मुँह, गले, अन्ननली, मूत्राशय, अग्न्याशय और यहां तक कि रक्त तक को प्रभावित करते हैं। इन रसायनों के लगातार संपर्क में आने से ...